एचपीयू के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री और कुलपति की ओर से एक छात्र संगठन की आलोचना करने पर भड़की एसएफआई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। यही नहीं संगठन ने एक बार फिर छात्र समस्याओं को उठाते हुए खुली बहस की भी चुनौती दे डाली है।
एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष नोवल ठाकुर और विपिन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे पद पर होते हुए इस तरह से एक छात्र संगठन को निशाना बनाकर बयानबाजी करना अशोभनीय है।
उन्होंने कहा कि समारोह में विश्वविद्यालय के विकास, शिक्षकों के पदों को भरे जाने और बढ़ाई गई फीस पर बनी हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर फीस कम कर आम छात्रों को राहत देने और शैक्षणिक व शोध गतिविधियों जैसे मुद्दों पर चरचा होनी चाहिए थी।
समारोह में सिर्फ और सिर्फ छात्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर 108 दिनों से चल रहे क्रमिक अनशन को गलत ठहराने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया। नोवल ठाकुर ने कहा कि हड़ताल जायज है या नहीं, इस पर सरकार और कुलपति चाहें तो डिबेट करवाएं, फिर एसएफआई बताएगी कि वर्तमान कुलपति के कार्यकाल में विश्वविद्यालय कहां पहुंचा है।