जिला प्रशासन के ‘मुस्कान’ प्रोजेक्ट के सुखद परिणाम सामने आए हैं।
मैं तो हूं एक नन्हीं सी जान, बनने से पहले ही मत मिटाओ मेरा नामोनिशान....। बेटियों की अहमियत का अहसास कराने और भ्रूण हत्या जैसी कुरीति पर चोट करने वाली ये पंक्तियां राज्यस्तरीय नलवाड़ी उत्सव में छाई रहेंगी। जिला प्रशासन के ‘मुस्कान’ प्रोजेक्ट का इंपेक्ट है कि पिछले चार साल की अपेक्षा इस साल बिलासपुर के लिंग अनुपात में शानदार सुधार सामने आया है।
नलवाड़ी मेले में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया जा रहा है। निमंत्रण पत्र में तो यह संदेश दिया ही जा रहा है। अब स्मारिका में भी ‘मुस्कान’ को स्पेशल सेक्शन दिया गया है। जिला प्रशासन के ‘मुस्कान’ प्रोजेक्ट के सुखद परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2012-13 से अब तक के आंकड़ों को लें तो इस साल बिलासपुर के लिंगानुपात में सुधार हुआ है। 1000 लड़कों के पीछे 2012-13 में 879 लड़कियां थीं।
यह इस साल बढ़कर 986 हो गई हैं। वर्ष 2013-14 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 901 महिलाएं, वर्ष 2014-15 में 1000 पुरुषों के मुकाबले 897 महिलाएं थीं। इस साल यह आंकड़ा 1000 पुरुषों के मुकाबले 986 महिलाएं है। ये फरवरी तक के आंकड़े हैं।
मेले में दिया जा रहा बेटी बचाओ का संदेश
इस साल राज्य स्तरीय उत्सव में मनोरंजन, खेल स्पर्धाओं और पशु मेले के साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया जा रहा है।
इस साल राज्य स्तरीय उत्सव में मनोरंजन, खेल स्पर्धाओं और पशु मेले के साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया जा रहा है। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने बताया कि निमंत्रण पत्र में भी इसका संदेश दिया गया है। उत्सव में छपने वाली स्मारिका में इसके लिए स्पेशल सेक्शन रखा गया है। इसमें बेटी की अहमियत पर आधारित लेख और कविताएं प्रकाशित होंगी।
डीसी ने स्वयं लिखी कविता
मैं तो हूं नन्ही सी जान, बनने से पहले ही मत मिटाओ मेरा नामोनिशान! सुन लो मेरी यह पुकार देखने दो मुझे ये संसार! बनूंगी तुम्हारे आंगन की मुस्कान, करने दो मुझे रोशन यह जहान! ‘आओ मिलकर बचाएं मुस्कान, आने वाली बेटियों की’ शीर्षक की यह कविता स्वयं उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने लिखी है।
भ्रूण हत्या पर चोट करेगा नाटक
नलवाड़ी मेले में माउंट कैलवरी स्कूल की ओर से तैयार भ्रूण हत्या पर आधारित नाटक का भी मंचन किया जाएगा। एक दिन नाटक का मंचन कहलूर लोकोत्सव में दिन के समय होगा। रात्रि को भी इसका मंचन होगा।