पावर प्रोजेक्ट ने लोनिवि के मेकेनिकल विंग को करीब 45 लाख रुपये इस झूले को बनाने और इसकी मरम्मत के लिए दिए हैं। झूले की देखरेख मेकेनिकल विंग ही करता है। यह मेकेनिकल विंग उपमंडल जोगिंद्रनगर के अधीन आता है।
जो लोग झूले को पार करते थे, उनसे 5 रुपये किराया लिया जाता था। उधर, मामले की छानबीन के लिए लडभड़ोल से चौकी प्रभारी हरनाम सिंह भी पहुंच गए थे। लोनिवि के मेकेनिकल विंग उपमंडल जोगिंद्रनगर के सहायक अभियंता रमेश चंद भाटिया ने कहा कि कंपनी ही तारों को ज्वाइंट करती है।
विभाग प्रतिदिन इसे चैक करता है, लेकिन इसका पता नहीं चलता कि ज्वाइंट कहां किए गए हैं। इसे ठीक करने के लिए करीब 500 मीटर तार खरीदा जाएगा। उसके बाद इसे ठीक किया जाएगा।