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झूले का तार टूटा, ब्यास नदी पर तीन घंटे फंसा रहा सुपरवाइजर

Wed, 18 Jul 2018 07:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मपुर (मंडी)
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चूल्हा पावर प्रोजेक्ट के पास ब्यास नदी पर लगे झूले (घरूरू) का तार टूटने से सिक्योरिटी सुपरवाइजर विक्रम सिंह तीन घंटे नदी के बीचोंबीच फंसे रहे। उन्होंने लोगों और प्रोजेक्ट में कार्य में लगे कर्मचारियों से मदद मांगी।

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कड़ी मशक्कत के बाद रस्सी से खींचकर सुपरवाइजर को रेस्क्यू किया गया। जानकारी के मुताबिक सुबह साढ़े नौ बजे पावर प्रोजेक्ट के सिक्योरिटी सुपरवाइजर प्रोण स्योह स्थित क्वार्टर से ड्यूटी के लिए जा रहे थे। वे ब्यास नदी पर लगे झूले की रस्सी टूटने से नदी के बीचोंबीच फंस गए।

उनकी आवाज सुनकर नदी के दोनों ओर लोगों की भीड़ लग गई। सुपरवाइजर को बचाने की कोशिश शुरू हुई। प्रोजेक्ट के कर्मचारियों के सहयोग, लोनिवि और पुलिस टीम के संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत से तीन घंटे बाद सुपरवाइजर विक्रम सिंह को निकाला गया। 

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झूले के लिए खरीदेंगे 500 मीटर तार : भाटिया

पावर प्रोजेक्ट ने लोनिवि के मेकेनिकल विंग को करीब 45 लाख रुपये इस झूले को बनाने और इसकी मरम्मत के लिए दिए हैं। झूले की देखरेख मेकेनिकल विंग ही करता है। यह मेकेनिकल विंग उपमंडल जोगिंद्रनगर के अधीन आता है।

जो लोग झूले को पार करते थे, उनसे 5 रुपये किराया लिया जाता था। उधर, मामले की छानबीन के लिए लडभड़ोल से चौकी प्रभारी हरनाम सिंह भी पहुंच गए थे। लोनिवि के मेकेनिकल विंग उपमंडल जोगिंद्रनगर के सहायक अभियंता रमेश चंद भाटिया ने कहा कि  कंपनी ही तारों को ज्वाइंट करती है।

विभाग प्रतिदिन इसे चैक करता है, लेकिन इसका पता नहीं चलता कि ज्वाइंट कहां किए गए हैं। इसे ठीक करने के लिए करीब 500 मीटर तार खरीदा जाएगा। उसके बाद इसे ठीक किया जाएगा। 
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