मंडी के बाद अब सोलन और शिमला में भी धारा 118 के तहत जमीन खरीद की फाइलें नहीं बनेंगी। इन्वेस्टर मीट से पहले दोनों जिलों में भी सरकार धारा 118 के तहत आवेदन की प्रक्रिया को सरल करने जा रही है। पहले उपायुक्त के पास धारा 118 के तहत मंजूरी के लिए आवेदन होता था। अब ऑनलाइन आवेदन होगा और ऑनलाइन ही मंजूरी मिलेगी।
देश-विदेश के उद्योगपति सोलन, शिमला और मंडी में निवेश करना चाहते हैं। इसीलिए सरकार ने इन जिलों में अधिक ध्यान दिया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि इन जिलों में ही धारा 118 का प्रारंभिक तौर पर सरलीकरण किया जा रहा है। जिला मंडी में धारा 118 के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इन्वेस्टर मीटर से पहले सोलन और जिला शिमला में भी ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
प्रदेश सरकार ने धारा 118 के आवेदन के सरलीकरण करने से लोगों को जिला उपायुक्त कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे। कई महीनों तक फाइल डीसी कार्यालय में घूमती थी। डीसी से फाइल क्लीयर होने के बाद निवेशकों को सचिवालय के चक्कर काटने पड़ते थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की निवेशकों के साथ एमओयू साइन होने पर यह बात सामने आई। ऐसे में मुख्यमंत्री ने भी सिस्टम में सुधार करने का आश्वासन दिया था। प्रक्रिया ऑनलाइन होने से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उद्योग लगाने की स्वीकृतियां भी निवेशकों को ऑनलाइन दी जाएंगी।
धारा 118 के तहत 50 से ज्यादा आवेदनों को मंजूरी
हिमाचल सरकार ने निवेशकों और अन्य लोगों से आए 50 से अधिक आवेदनों को धारा 118 के तहत मंजूरी दे दी है। ये आवेदन कुछ समय से लंबित पडे़ हुए थे। कई मामलों में उपायुक्तों को कुछ आपत्तियां भेजी गई हैं। मुजारियत एवं भू सुधार अधिनियम की धारा 118 के तहत निजी भूमि खरीद को मंजूरी दी जाती है। गैर हिमाचली और गैर कृषकों को भूमि खरीद के लिए यह मंजूरी लेनी होती है।