वहीं, जिला ऊना में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को आई 64 सैंपलों में से 62 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि दो और व्यक्तियों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। दोनों पॉजिटिव मरीज ऊना जिले के हैं। इसकी पुष्टि अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने की है। हिमाचल में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 32 हो गई है।
ऊना जिला में पॉजीटिव मरीजों की संख्या 14 हो गई है। दोपहर बाद आई रिपोर्ट में पॉजिटिव निकला व्यक्ति कुठेड़ा खैरला की उसी मस्जिद के मौलवी का बेटा है, जिसका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। उसे भोटा में भर्ती कराया है, जबकि मौलवी टांडा में भर्ती है। मौलवी के साथ इसी गांव से आठ और पॉजिटिव केस सामने आए थे, जो ईएसआई अस्पताल बद्दी में उपचाराधीन हैं। सभी लोग तब्लीगी जमात से लौटे तीन मौलवियों के संपर्क में आने से पॉजिटिव हुए थे।
उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मौलवी के दो बेटों और पत्नी को आईसोलेट किया था। कोरोना पॉजिटिव दूसरा व्यक्ति बंगाणा क्षेत्र के चौकीमन्यार गांव से संबंधित है, जो नकड़ोह मस्जिद में ठहरा था। वह अभी खड्ड सेंटर में क्वारंटीन है। हिमाचल में अब तक 954 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 922 की रिपोर्ट निगेटिव पाई जा चुकी है। नौ मरीज ठीक हो गए हैं। अब प्रदेश में एक्टीव केसों की संख्या 18 है। अभी तक प्रदेश में कुल 5404 लोगों को निगरानी में रखा, जिनमें से 2969 ने निगरानी अवधि पूरी कर ली है।
वहीं, औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के झाड़माजरी के निजी अस्पताल के दोनों कोरोना पीड़ितों को काठा में बने कोविड रेड जोन-2 अस्पताल रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव पाए गए दोनों कर्मचारियों के संपर्क में आए अन्य लोगों के सैंपल लेने भी शुरू कर दिए हैं। अस्पताल को सील करने से पूर्व वहां उपचार के लिए आए मरीजों की भी पहचान की जा रही है। अस्पताल के रजिस्टर से इन लोगों के नाम व संपर्क नंबर लेकर उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक सप्ताह पूर्व अस्पताल को सील कर उसे क्वारंटीन सेंटर बना दिया था और उसके बाद इस अस्पताल में कोई भी आवाजाही नहीं हुई। लेकिन 28 मार्च से 3 अप्रैल तक अस्पताल में जो भी लोग आए, उन सभी को क्वारंटीन किया जा रहा है। इनमें से कुछ लोगों की पहचान पीजीआई में महिला की मौत के दूसरे दिन ही हो गई थी। उपमंडल प्रशासन ने अस्पताल के संपर्क में आए लोगों को घरों में ही रहने की हिदायत दी थी। लेकिन किसी के कोरोना टेस्ट नहीं लिए गए।
लेकिन अब दो कर्मचारियों के पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में आए सभी मरीजों के भी टेस्ट लिए जा सकते हैं। इनकी पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग उनकी हालत की भी जांच करेगा। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि दोनों मरीजों को रेड जोन कोविड अस्पताल काठा में रखा गया है और अस्पताल सहित इन लोगों के संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों के सैंपल लिए जा रहे हैं।