साल 2018 से बंद पड़ा कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का निर्माण कार्य मार्च से शुरू हो जाएगा। परियोजना के दूसरे फेज में बिलासपुर के कैंचीमोड़ से लेकर सुंदरनगर के भवाणा तक 47 किलोमीटर का निर्माण कार्य किया जाएगा। दिसंबर में एनएचएआई ने गावर इन्फ्रास्टक्चर लिमिटेड को 1982.46 करोड़ रुपये का टेंडर अवार्ड कर दिया है। कंपनी ने इसका सर्वे भी शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि फोरलेन का निर्माण तीन फेज में किया जा रहा है। पहले फेज में कीरतपुर से गरामोड़ा, दूसरे फेज में स्वारघाट से तुन्नु पट्टा और तीसरे फेज का काम भवाणा से नेरचौक तक होना है। पहले और तीसरे फेज का निर्माण कार्य सिंगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है।
इससे पहले 2018 में ग्रीन फील्ड के निर्माण के लिए आईसीसीएल कंपनी को टेंडर दिया गया था। कंपनी निर्माण कार्य के बीच में ही दिवालिया हो गई और काम पूरा नहीं हो पाया। अब तीन साल बाद दूसरे फेज का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इसी साल कीरतपुर से भवाणा तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। एनएचएआई मंडी कार्यालय के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि फोरलेन का भवाणा तक 2021 में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ग्रीन फील्ड के लिए गावर इन्फ्रास्टक्चर लिमिटेड कंपनी ने सर्वे शुरू कर दिया है। मार्च तक कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसे भवाणा तक इसी साल पूरा किया जाना है। 2022 अंत तक परियोजना को मनाली तक पूरा करने का लक्ष्य है।