पेट्रो पदार्थों की कीमतों में हो रहे इजाफे के बीच गाड़ी-मोटर पानी से चले तो टेंशन खत्म। न खर्चे का डर और न ही प्रदूषण फैलने का खतरा। काल्पनिक सी लगने वाली इस बात को स्कूली छात्राओं ने मॉडल के जरिये हकीकत बनाकर पेश किया।
मौका था राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नाहन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर प्रदर्शनी का। इसी प्रदर्शनी में छात्राओं ने पानी से चलने वाली जेसीबी मशीन पेश कर सभी को चौंका दिया। पानी के दबाव से यह जेसीबी मशीन न केवल चलेगी, बल्कि काम भी करेगी।
प्रदर्शनी में एक से बढ़कर एक मॉडल प्रदर्शित किए गए। शिखा और आयुषी ने पानी के दबाव से चलने वाली एक जेसीबी का मॉडल तैयार किया है। हाइड्रोलिक सिस्टम वाली यह जेसीबी मशीन पानी का दबाव पड़ते ही चलने लगती है।
इससे बाकायदा कार्य भी किया जा सकता है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि इस तरह के मॉडल तैयार किए जाएं तो भविष्य में पेट्रो पदार्थों की कमी से बचने के साथ ही प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
स्कूल की प्रधानाचार्य मीरा बंसल ने बताया कि मॉडल शानदार है। वास्तविक जीवन में ऐसे प्रयोग की जरूरत है। जिन पर वैज्ञानिकों को भी कार्य करने की जरूरत है।
दुर्घटनाओं से बचाएंगे रोलिंग बैरियर
रिया का रौलिंग बैरियर भी गजब का रहा। सड़क किनारे लगने वाले यह रोलिंग बैरियर दुर्घटनाओं का आंकड़ा कम करने में कारगर साबित हो सकते हैं। रोलिंग बैरियर में वाहन के टकराते ही बैरियर स्वत: ही घूम जाएगा और गाड़ी वापस सड़क पर आ जाएगी। इस मॉडल को रिया ने बनाया है।