हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में शनिवार को तीन निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और दो रजिस्ट्रार समेत सात आरोपियों को जिला कचहरी शिमला स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया। सीबीआई ने बीते शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के अलावा चंडीगढ़ और हरियाणा में यह गिरफ्तारियां की थीं। गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा गया है। इन्हें अब 14 दिन बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने तीन निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और दो रजिस्ट्रार समेत सात लोगों को जिला कचहरी शिमला स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया।
प्रदेश के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई ने अब तक की जांच में 266 में से 28 निजी संस्थानों को घोटालों में संलिप्त पाया गया है। 11 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। 17 संस्थानों के खिलाफ जांच जारी है। तीन संस्थानों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक अप्रैल को जिला ऊना के केसी एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी पंडोगा की मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। इस सोसाइटी पर आरोप है कि सोसायटी ने एससीएसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के पैसों से दो प्लॉट खरीदे और एक भवन का निर्माण किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के चलते ईडी मामले की जांच कर रही है।