ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में देरी के बीच प्रदेश सरकार ने सीबीआई को रिमाइंडर लेटर भेजा है। इसमें वर्तमान स्टेटस के साथ पूछा है कि मामले में कब तक जांच शुरू होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर इस मामले को उठा चुके हैं।
जयराम सरकार के गठन के बाद जनजातीय मंत्री रामलाल मारकंडा की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने यह घोटाला पकड़ा था। अनुमान था कि करीब ढाई सौ करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति कुछ निजी संस्थान हड़प गए हैं। विभाग ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की सिफारिश की।
जयराम मंत्रिमंडल ने सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लेते हुए केंद्रीय कार्मिक विभाग के जरिये सीबीआई को जांच भेज दी। शुरू में सीबीआई ने मामले में प्रदेश की ओर से एफआईआर न होने का हवाला देते हुए फाइल लौटा दी।
इस पर प्रदेश सरकार ने मामला दर्ज करवाकर दोबारा फाइल सीबीआई को भेज दी। लेकिन महीने से ज्यादा वक्त गुजरने के बावजूद सीबीआई ने कोई पत्राचार नहीं किया। नाम न लिखने की शर्त पर शासन के एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआई को रिमाइंडर लेटर भेजा गया है।