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छात्रवृत्ति घोटाला: जांच के दायरे में आएंगे कई कर्मचारी, अधिकारी

Fri, 21 Sep 2018 12:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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स्पीति घाटी के बाद उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू में छात्रवृत्ति के 21 लाख हड़पने के मामले में कई कर्मचारी और अधिकारी जांच के दायरे में आएंगे। इनसे पुलिस कड़ी पूछताछ करेगी। वेरिफिकेशन के बाद पुलिस मामले में केस दर्ज करेगी। बताया जा रहा है कि गबन करने वाले कर्मचारी ने छात्रवृत्ति का कुछ पैसा विभाग को लौटा दिया है।

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आधिकारिक तौर पर अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं। करीब सात साल तक इस गबन का खुलासा न होने पर अब कई कर्मचारी और अधिकारी सवालों के घेरे में हैं। सात साल तक फील्ड में छात्रवृत्ति न बंटने का मामला किसी भी अधिकारी के संज्ञान में नहीं आया।

इसको लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं। छात्रवृत्ति के पैसे सीधे चेक के माध्यम से अपने खाते में डालने वाले कर्मचारी के तबादले के बाद उजागर हुए मामले ने उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू को हिला दिया है। काफी समय से पासबुक अपडेट न होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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मामले की रिपोर्ट बनाकर उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग ने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। हालांकि, विभागीय नोटिस के जवाब में कर्मचारी ने गबन की राशि वापस लौटाने की बात कही है।

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यह है मामला

इधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक जगदीश चंद ने बताया कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। ऐसा नहीं है कि छात्रवृत्ति नहीं बंटी है। कुछ छात्रवृत्ति बंटी भी है। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि शिकायत पत्र मिला है। मामले से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। तथ्यों के वेरिफिकेशन के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग कुल्लू में तैनात एक कर्मचारी ने बच्चों की छात्रवृत्ति के 21 लाख रुपये का गबन कर लिया। चेक के माध्यम से कर्मचारी अपने खाते में पैसे जमा करवाता रहा। अब कर्मचारी का तबादला होने पर जब नए क्लर्क ने पासबुक अपडेट की तो वह दंग रह गए।

इसमें करीब सवा करोड़ रुपये बचे थे। इन्हें बच्चों को छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाने थे। आशंका जताई जा रही है कि उक्त कर्मचारी इन पैसों को भी हड़पने की फिराक में था। कायदे से काफी वर्षों से खाते में पेंडिंग सवा करोड़ रुपये बच्चों को छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाने थे।
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