हिमाचल में 250 करोड़ के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले के बाद अब नई व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं में स्कॉलरशिप मिलेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्कूली विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति का पैसा पहुंचाने को पेई कोड जेनरेट करना होगा। यह हिमकोष पर जाकर होगा।
पेई कोड स्कूल और ब्लॉक जेनरेट करेंगे। अकाउंट नंबर के साथ पेई कोड होने पर ही छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलेगी। विभाग ने सख्त आदेश दिए हैं कि 25 फरवरी तक पेई कोड जेनरेट करने के साथ स्कूल, विद्यार्थी का नाम, बैंक नंबर, आईएफएससी कोड और मोबाइल नंबर की जानकारी स्कूल मुखिया को देनी होगी।
विभिन्न स्कॉलरशिप योजनाओं के तहत बजट का प्रावधान कर दिया गया है। इससे स्कूलों से डिमांड ली गई थी। लिहाजा, स्कूलों की मांग के मुताबिक बजट उपलब्ध हुआ है, लेकिन वित्त विभाग ने आपत्ति लगाई है कि स्वीकृत बजट संबंधित लाभार्थी छात्र-छात्राओं के खाते में ही जमा किया जाएगा।
इसके तहत स्कूलों को अब पेई कोड के साथ बैंक खाता सहित अन्य जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। विभाग ने यह भी हिदायत दी है कि अगर देरी के कारण बजट लैप्स होता है तो स्कूल मुखिया जिम्मेेदार होंगे। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक फौजा सिंह ने बताया कि अब छात्रवृत्ति बच्चों के खाते में आएगी। इसके लिए पेई कोड स्कूल और ब्लॉक जेनरेट करेंगे।
185 स्कूलों के लिए जारी हुआ है बजट
चंबा के नॉन ट्राइबल क्षेत्र के लिए पहली से पांचवीं कक्षा तक 24 लाख 93 हजार 475 व छठी से आठवीं तक विद्यार्थियों के लिए 37 लाख 43 हजार पचास रुपये का बजट जारी हुआ है। इससे लगभग 185 स्कूल कवर होंगे।