भाजपा ने हिमाचल सरकार पर एलईडी बल्ब बिक्री में जनता से धोखाधड़ी का आरोप लगाया। प्रदेश मीडिया प्रमुख और सचिव प्रवीण कुमार शर्मा ने बल्ब बिक्री में घोटाले का आरोप लगाया है। कहा कि केंद्र ने नए दिए जा रहे बल्बों की कीमत 55 रुपये तय की है, जबकि प्रदेश सरकार 105 रुपये में बल्ब दे रही है।
प्रति बल्ब 50 रुपये का यह अंतर किसी बड़े भ्रष्टाचार की तरफ संकेत कर रहा है। कहा कि 18 मार्च 2015 को प्रदेश सरकार के बजट में ये बल्ब 150 रुपये की दर से उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई थी। विपक्ष का दबाव बढ़ने पर कीमत कम कर 105 रुपये प्रति बल्ब की गई। वर्तमान में ईईएसएल के नई बोली के तहत इन बल्बों को 55 रुपये की दर से खरीदा जा रहा है।
कीमतों में इस अंतर से योजना में लगभग 25 करोड़ की गड़बड़ी की आशंका है। सरकार अब तक 56 लाख 28 हजार 753 एलईडी बल्ब बांट चुकी है। इस योजना में मध्य प्रदेश सरकार 65 रुपये में ये बल्ब जनता को उपलब्ध करवा रही है तो प्रदेश में इतना बड़ा भ्रष्टाचार बिना राजनीतिक संरक्षण से संभव नहीं है।
कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच अति आवश्यक है। उधर, बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी ने बताया कि हिमाचल में पुरानी योजना में बल्ब दिए जा रहे हैं। इनका रेट 105 रुपये ही है। नई योजना में सस्ते बल्ब आए हैं। कंपनी और केंद्र सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। किसी भी उपभोक्ता के लिए एलईडी बल्ब खरीदना अनिवार्य नहीं किया गया है।