बताया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान के आखिरी माह में जिला किन्नौर में बैंक शाखाओं के निरीक्षण के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ है। विधानसभा चुनावों के चलते मामला फाइलों में दब गया। अब बैंक के खिलाफ शुरू हुई विजिलेंस जांच के चलते फाइलों में बंद यह केस भी खुल गया है।
अब विभागीय जांच में हरियाणा के लोगों को बैंक में क्लर्क भर्ती करने के लिए जिम्मेवार अफसरों के नामों का खुलासा होगा। यह भी पता चलेगा कि कितने लोगों को इस तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है।
सहकारिता मंत्री राजीव सैजल ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक में भर्ती, ऋण देने सहित अन्य अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस जांच चल रही है। हरियाणा के लोगों को क्लर्क बनाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर विभागीय जांच बैठाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य सहकारी बैंकों के भर्तियों की भी जल्द समीक्षा की जाएगी।