शिकायतें ऐसी भी हैं कि कई आवास महीनों से बंद पड़े हैं। नियमानुसार जिस परिवार को यह आवास अलॉट हुआ है, उसे नियमित तौर पर इसमें रहना जरूरी है। कई ऐसे बताए जा रहे हैं, जिनमें किराएदार रख लिए गए हैं जबकि इन्हें सबलेट या किराए पर नहीं दे सकते।
इसके अलावा गरीब परिवारों के इन आवासों के बाहर लग रही गाड़ियों की लाइनें देख स्थानीय लोग भी हैरान हैं। ये सभी जांच के दायरे में आ सकते हैंयोजना के अनुसार ऐसे परिवारों को इस प्रोजेक्ट में आवास मिलते हैं, जिनका कहीं भी अपना मकान नहीं होता।
परिवारों को होमलैस प्रमाण पत्र के अलावा हिमाचली प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, स्वयं घोषणा शपथ पत्र, आधार कार्ड आदि दस्तावेज जमा करवाने होते हैं।
शिकायतें मिली हैं, लेकिन निगम ने दस्तावेज जांचने के बाद ही ये आवास अलॉट किए हैं। यदि कोई गड़बड़ी है तो वह दस्तावेज जारी करने संबंधी हो सकती है। इसका पता जांच के बाद ही चलेगा।-नरेंद्र कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नगर निगम
आवास की अलॉटमेंट में गड़बड़ी को लेकर शिकायत मिली है जिस पर जांच बिठा दी है। शिकायत कितनी सही है, इस बारे में अभी नहीं बता सकते। जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे।-रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त