डीजल के दाम घटने से सतौन ट्रक ऑपरेटर सोसायटी ने मालभाड़े में भी साढ़े आठ फीसदी कटौती कर दी है। इस फैसले के बाद उद्योगपतियों को 60 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति मीट्रिक टन तक राहत मिलेगी। सिरमौर जिले के सतौन और कमरऊ में तीन दर्जन के करीब लघु उद्योग चल रहे हैं।
सोसायटी ने इससे पहले मालभाड़े के दाम उस समय तय किए गए थे, जब डीजल 84 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। मौजूदा समय में डीजल के दाम 81 रुपये प्रति लीटर हैं। मालभाड़े के दाम अधिक होने से सतौन के उद्योगों पर इसका भारी असर पड़ रहा था। उद्योगपतियों को मजबूरन तैयार माल को बाहर से ट्रक मंगवाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई करना पड़ रहा था। इसका सीधा असर स्थानीय ट्रक ऑपरेटर सोसायटी पर भी पड़ा।
लिहाजा, ट्रक संचालकों और उद्योगपतियों के बीच पंचायत के पूर्व प्रधान रजनीश चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम बैठक हुई। इसमें मालभाड़े में सीधे साढ़े आठ फीसदी कटौती का निर्णय लिया गया। अब उद्योगपति अपने सारे माल की भरपाई सतौन से पूरी करेंगे। यदि कमरऊ से भी माल बाहरी राज्यों में भेजना है तो उसकी ढुलाई भी सतौन ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के ट्रक ही करेंगे।
सतौन ट्रक सोसायटी के अध्यक्ष मुकेश चौहान, मल्टी एक्सल सोसायटी के अध्यक्ष अजय चौहान, पंकज अग्रवाल और दयाराम आदि ने बताया कि दोनों पक्षों की सहमति से भाड़े तय किए गए हैं। इस घटे हुए भाड़े में कुछ शर्तें रखी गई हैं, जो दोनों पक्षों के लिए हैं। अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों पक्षों को दंडित करने का भी प्रावधान रखा गया है।
उद्योगपति कुलदीप अग्रवाल, संजय मालपानी, आदर्श बंसल, गिरिश सब्रवाल और जोगेंद्र चौहान ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर सोसायटी से मालभाड़े में कटौती की मांग की गई थी, जिसे बैठक में स्वीकार कर लिया गया है।
तीन दर्जन के करीब चल रहे उद्योग
सतौन और कमरऊ में पोल्ट्री ग्रिट (मुर्गीदाना) और ग्लास (शीशा) तैयार किया जाता है। यहां पर तीन दर्जन के करीब लघु उद्योग चल रहे हैं, जो यहां से दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश में माल की सप्लाई करते हैं, लेकिन मालभाड़ा अधिक होने से उद्योगपति दूसरे ट्रकों से माल की सप्लाई कर रहे थे।
माल भाड़ा प्रति मीट्रिक टन में
स्टेशन पहले अब अंतर
बहादुरगढ़ 1207 1104 103
रुड़की 790 723 67
ऋषिकेश 983 900 83
लुधियाना 1683 1540 143
दिल्ली 2044 1870 174
बरवाला 1070 980 90
पानीपत 1377 1260 117