जिला आपदा प्राधिकरण ने संजौली को सिंकिंग जोन में रखा है। जान माल की सुरक्षा के मद्देनजर आपदा प्राधिकरण ने यहां भवन निर्माण पर अपनी सहमति नहीं दी है। इसमें खतरा बताया गया है। बावजूद इसके यहां भवन निर्माण जोरों पर है।
एमसी धड़ल्ले से मकानों के नक्शे पास कर रहा है। आपदा प्राधिकरण का दावा है कि संजौली में कार्यशाला के माध्यम से लोगों को आने वाले खतरे से आगाह किया है लेकिन लोग जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है।
निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। सोमवार को जहां मलबा गिरा है वह जगह भी सिकिंग जोन में है। सोमवार को सत्संग भवन संजौली के पास एक निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक मलबा गिर गया था।
इसमें पांच मजदूर और दो बच्चे दब गए। डेढ़ साल की बच्ची सुनैना की मलबे में दबने से मौत हो गई थी। यह काम कर रहे मजदूर सुनील की बेटी थी।