संस्थानों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था की गई है। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. प्रमोद चौहान ने बताया कि सेनेटरी नैपकिन मशीन से आसानी से नैपकिन प्राप्त हो जाएगा।
इसके अलावा एक अलग मशीन में प्रयोग किए गए नैपकिन को नष्ट करने की सुविधा भी मिलेगी। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली किशोरियों की सबसे बड़ी चिंता दूर करने की दिशा में सरकार ने यह पहल की है। इस व्यवस्था से से लड़कियों की शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
लड़कियों को इंफेक्शन से बचाने के लिए सरकार का यह सराहनीय प्रयास है। अधिकांश लड़कियों में नैपकिन खरीदने को लेकर संकोच रहता है और वे मेडिकल स्टोर में जाकर सेनेटरी नैपकिन लेने से परहेज करती हैं। ऐसे में इन मशीनों के लगने से लड़कियों को बड़ी राहत मिलेगी।