सैनिक कल्याण विभाग के सौजन्य से पूर्व सैनिक कोटे से भरे जाने वाले जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 250 पदों के लिए 808 में से मात्र 288 अभ्यर्थी टाइपिंग टेस्ट तक पहुंचे हैं। शेष पूर्व सैनिक इन पदों के लिए योग्य नहीं पाए गए। टाइपिंग टेस्ट तक पहुंचे इन पूर्व सैनिकों के टेस्ट का परिणाम विभाग दस दिनों के भीतर घोषित करेगा।
सैनिक कल्याण विभाग ने जेओए के 250 पदों को भरने के लिए 808 पूर्व सैनिकों को कॉल लेटर भेजे थे। विभाग ने यह कॉल लेटर केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को भेजे थे जो विभागीय रिकार्ड के अनुसार इन पदों के लिए योग्य थे। लेकिन जब विभाग ने इन पदों के लिए साक्षात्कार और टाइपिंग टेस्ट लिया तो 520 पूर्व सैनिक इस प्रक्रिया में बाहर हो गए।
पूर्व सैनिकों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से टाइपिंग और कंप्यूटर का डिप्लोमा न होने के कारण ज्यादातर अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया से बाहर हुए हैं। वहीं दस्तावेजों में भी खामियां पाए जाने के कारण भी कइयों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। 288 अभ्यर्थियों में से भी कितने अभ्यर्थी चयनित होते हैं, इसका पता विभाग द्वारा रिजल्ट घोषित करने के बाद ही चल सकेगा।
सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर एसके वर्मा का कहना है कि टाइपिंग टेस्ट तक के लिए मात्र 288 अभ्यर्थी ही योग्य पाए गए। शेष अभ्यर्थी इससे पूर्व की चयनित प्रक्रिया में ही बाहर हो गए हैं। अभ्यर्थियों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर का डिप्लोमा न होना उनकी भर्ती में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है।