इसे बाकायदा 4 जून को होने वाली एजीएम की बैठक में उठाया जाएगा। इसको लेकर एक लिखित समझौता भी कर्मचारियों को सौंपा गया। इसमें 10 फीसदी वेतन बढ़ोतरी, 15 दिन की विशेष छुट्टियां देने, 4-9-14 का लाभ सभी कर्मचारियों को देने पर सहमति बनी है। वहीं बुधवार को जिन 41 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था, उनकी सेवाएं बहाल करने के भी महापौर ने निर्देश जारी कर दिए हैं। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह सभी कर्मचारी भी काम पर लौट सकेंगे। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि अगर 4 जून को होने वाली एजीएम में यह फैसले नहीं हुए तो 5 जून से कर्मचारी दोबारा से हड़ताल पर चले जाएंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि वह पहले से कर्मचारियों को इन मांगों को पूरा करने का भरोसा दे रहे थे। अब लिखित समझौता भी किया गया है। 4 जून की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री से भी बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार से शहर से कूड़ा उठाने का काम शुरू हो जाएगा। इससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
शहर में पिछले सात दिनों से घर-घर से कूड़ा नहीं उठने से सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई थी। हालत यह थी कि शहर की सड़कों के साथ ही कलेक्शन प्वाइंट पर भी कड़े के ढेर लग गए थे। इस वजह से देश-विदेश से शिमला आने वाले सैलानियों के सामने भी पहाड़ों की रानी की छवि खराब हो रही थी। घरों में अधिक कूड़ा होने के कारण मजबूरी में लोग कलेक्शन प्वाइंट के साथ ही यहां-वहां कूड़ा फेंक रहे थे। हालांकि निगम ने कलेक्शन प्वाइंट से कड़ा उठाने का दावा किया था और क्षमता के मुताबिक इस काम को किया भी जा रहा था फिर भी सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही थी। गुरुवार को कलेक्शन प्वाइंटों से कूड़ा उठाने के लिए बड़े ट्रकों का इस्तेमाल भी किया गया था।