सासे ने हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में यह खतरा जताया है। कुल्लू, किन्नौर, चंबा के पांगी-किलाड़ और लाहौल-स्पीति जिले के 24 प्वाइंट ऐसे हैं, जहां कभी भी हिमस्खलन हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के साथ लाहौल-स्पीति और मनाली-लेह मार्ग मौसम खुलने के बाद हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मनाली स्थित हिम और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) ने जलोड़ी दर्रा से लेकर लेह तक हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। खासकर अटल टनल रोहतांग के साउथ पोर्टल से लेकर दारचा तथा पांगी-किलाड़ मार्ग को अति संवेदनशील माना है। सासे ने हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में यह खतरा जताया है। कुल्लू, किन्नौर, चंबा के पांगी-किलाड़ और लाहौल-स्पीति जिले के 24 प्वाइंट ऐसे हैं, जहां कभी भी हिमस्खलन हो सकता है।
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क्लाथ, नेहरूकुंड, कोठी रोहतांग, कोकसर, तांदी और रोहतांग टनल के दोनों छोर, जिंगजिंगबार, बारालाचा, सरचू, लाचूंगला पास व तंगलांगला भी इसमें शामिल हैं। ब्यास कुंड, खनाग, जलोड़ी दर्रा से सोझा, सोलंगनाला, सोलंग, धुंधी, छतडू, बातल, काजा, ताबो, समदो, कल्पा, कड़छम, सांगला, छितकुल तथा मणिमेहश में भी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मावन वर्मा ने कहा कि जिला लाहौल-स्पीति में मौसम खुलने के बाद तापमान में वृद्धि हुई है। ऐसे में घाटी में जगह-जगह हिमस्खलन के साथ भूस्खलन भी हो रहा है। उन्होंने पर्यटकों के साथ आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।