ऊना के चुरुडू गांव से एमबीबीएस करने यूक्रेन गई छात्रा काजल ने बताया कि वह खारकीव में फंसी हुई हैं। यहां एक भारतीय छात्र की युद्ध में मौत हो चुकी है। यहां फंसे बच्चों में बहुत घबराहट है।
यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध के कारण कई भारतीय विद्यार्थियों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस समय खारकीव में फंसे बच्चों के लिए एक-एक दिन काटना मुश्किल हो गया है। खारकीव में फंसे विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ा संकट खाने का है।
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विद्यार्थियों का कहना है कि अब उनके पास राशन खत्म हो चुका है। ऊना के चुरुडू गांव से एमबीबीएस करने यूक्रेन गई छात्रा काजल ने बताया कि वह खारकीव में फंसी हुई हैं। यहां एक भारतीय छात्र की युद्ध में मौत हो चुकी है। यहां फंसे बच्चों में बहुत घबराहट है।
उन्होंने कहा कि बंकर में गुजारा करते हुए उन्हें छह दिन हो गए, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। अब खाने-पीने का सामान भी खत्म हो चुका है। इस परिस्थिति में उन्हें स्थानीय लोग ही पानी और बिस्किट दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही आलम रहा तो आने वाले दिनों में युद्ध से ज्यादा भूख उन्हें परेशान करेगी।
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उन्होंने कहा कि यहां हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। मोबाइल में नेटवर्क भी कम है। परिवार से बात भी नहीं हो पा रही है। अब उनकी हिम्मत दम तोड़ रही है। काजल ने भारत सरकार से अपील की कि उन्हें जल्द मदद पहुंचाने की गुहार लगाई है।