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रूस-यूक्रेन युद्ध: सुरक्षित घर पहुंचे मनाली के भाई-बहन, माता-पिता की खुशी का नहीं रहा ठिकाना, बच्चों की आंखों से भी छलके आंसू

Thu, 03 Mar 2022 06:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतांग/मनाली

सार

भाई-बहन यूक्रेन की उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बताया कि वे खुशनसीब हैं कि अपने वतन सकुशल लौट आए हैं।
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सुरक्षित घर पहुंचे मनाली के भाई-बहन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच मनाली के भाई-बहन वीरवार को सुरक्षित घर पहुंच गए हैं। घर पहुंचते ही पिता विवेक गौतम और माता विदुशी गौतम ने बेटे और बेटी को गले लगा लिया। इसके बाद दोनों का स्वागत किया। भाई-बहन की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। माता-पिता दोनों बच्चों के साथ वशिष्ठ ऋषि के दरबार पहुंचे और आशीर्वाद लिया।

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भाई-बहन यूक्रेन की उजहोरोड नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। बताया कि वे खुशनसीब हैं कि अपने वतन सकुशल लौट आए हैं। कहा कि खारकीव और कीव में बंकर में रह रहे छात्रों की हालत बहुत खराब है। उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत सरकार सभी छात्रों को जल्द ऑपरेशन गंगा के तहत वापस लाएगी। 

हंगरी जाने के लिए 22 घंटे करना पड़ा इंतजार
भाई-बहन ने बताया कि पहले वह बुडापेस्ट पोस्ट पहुंचे। यहां से हंगरी जाने के लिए उन्हें 22 घंटे का इंतजार करना पड़ा। यहां पहुंचने के बाद फिर हंगरी से टर्की होते हुए दिल्ली पहुंचे। उन्होंने बताया कि लगभग 24 घंटे लगातार सफर किया। 
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पोती के घर पहुंचने पर भावुक हुए दादा-दादी 
कुल्लू की मोनिका राणा भी यूक्रेन से अपने घर तेगुबेहड़ पहुंच गई हैं। मोनिका वीरवार सुबह तड़के करीब चार बजे पहुंचीं। पोती के घर पहुंचने पर दादा-दादी भावुक हो गए। परिवार के अन्य सदस्यों की भी आंखें नम हो गईं। दादा जोग सिंह ने कहा कि उनकी पोती सुरक्षित पहुंच गई है। भुंतर के प्रिंस शर्मा और भुट्ठी कॉलोनी की चैरी मान्या को भी रोमानिया में हवाई जहाज का इंतजार है।

प्रिंस के पिता प्रवीण शर्मा ने कहा कि उनके बेटे सहित सैकड़ों विद्यार्थियों को रोमानिया में हवाई जहाज का इंतजार है। छात्रा चैरी मान्या के पिता नीरज सैनी ने कहा कि उनकी बेटी को रोमानिया में हवाई सेवा का इंतजार है और वह बेसब्री से अपनी बेटी के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

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