यूक्रेन से रवाना होने से पहले भारतीय विद्यार्थी।
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पापा, खार्किव शहर में जमीन के मीलों नीचे स्थित मेट्रो स्टेशन में हमें रखा गया है। मेट्रो स्टेशन में सैकड़ों लोगों में हिमाचल के लोग भी हैं। युद्ध के कारण बिगड़ते हालातों के मद्देनजर यूक्रेन प्रशासन ने हमारी सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया है। यहां प्रशासन खाने का सामान मुहैया करवा रहा है। दूरसंचार सेवाएं, एटीएम, बिजली सहित अन्य सुविधाएं बंद हो चुकी हैं। दूरसंचार सेवाएं बंद होने से अब शायद बात न हो पाए। खार्किव शहर स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पांचवें सत्र की प्रशिक्षु कृति धीमान ने वीडियो कॉल से अपने पिता संजय से यह बात कही। संजय ने जिला प्रशासन के माध्यम से उनकी बेटी को सकुशल लाने के लिए सरकार के हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी जानकारी साझा की है। जिला चंबा से 11 विद्यार्थी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। शुक्रवार को टीवी पर रूस के हमलों को देखकर परिजन बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे। जिला प्रशासन ने भी यूक्रेन में फंसे जिले के 11 बच्चों को सूची बनाकर प्रदेश सरकार के जरिये गृह मंत्रालय को भेजी है। उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि पुलिस विभाग की जानकारी अनुसार 11 युवा यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हैं। इनकी जानकारी एकत्रित कर सरकार के माध्यम से गृह मंत्रालय को भेजी गई है।
वीडियो कॉल पर चंबा के ध्रुव ने अभिभावकों को बताए मौके के हालात
यूक्रेन की उजहोरड नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले 23 प्रशिक्षुओं को बस के जरिये यूक्रेन दूतावास पोलैंड या हंगरी शिफ्ट करेगा। तीन माह पहले गए चंबा जिले की सरोल पंचायत के ध्रुव नरयाल ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल में परिजनों से यह बात कही। शुक्रवार ध्रुव ने वीडियो कॉल पर बताया कि अभी यहां हालात खराब नहीं हैं। वह सहपाठियों के साथ सुरक्षित हैं। यूक्रेन दूतावास उन्हें पोलैंड या हंगरी पहुंचाने की बात कर रहा है। उन्हें सूचित किया गया है। उनके साथ यूनिवर्सिटी में 23 अन्य भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं। चंबा जिले के चार अन्य विद्यार्थी उसकी यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष में हैं। सभी काफी डरे हुए हैं। ध्रुव के चाचा धीरज नरयाल ने बताया कि जब उन्होंने वीडियो कॉल से ध्रुव से बात की तो उन्होंने वहां के हालातों के बारे में बताया। सरकार को समय रहते वहां फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था करनी चाहिए।