हिमाचल प्रदेश सरकार बिल्डरों और रियल इस्टेट कंपनियों के लिए नियम को सरल बनाने जा रही है। सिंगल विंडो के जरिये एक दिन में सभी तरह के क्लीयरेंस दिया जाएगा, जिससे उन्हें अलग-अलग महकमे के कार्यालयों में चक्कर काटने की जरूरत न पड़े।
रियल इस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। इसके माध्यम से सरकार प्रदेश के लोगों को आधुनिक कालोनियों और अपार्टमेंट की सुविधा मुहैया कराने जा रही है।
शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा की अध्यक्षता में दस दिन पहले ही दिल्ली में रियल इस्टेट सेक्टर की तीन दर्जन से अधिक देशी विदेशी कंपनियों की एक बैठक हुई थी, जिसमें ज्यादातर कंपनियों की ओर से शर्त रखी गई थी कि उन्हें एक दिन में सारी क्लीयरेंस चाहिए।
उसके बाद ही उनकी ओर से हिमाचल प्रदेश में किसी प्रकार के निवेश पर विचार किया जा सकता है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की नीति बनाने के लिए ड्राफ्ट बनाना शुरू कर दी है।
उद्योगों की तर्ज पर अब अपार्टमेंट और कालोनी बनाने के लिए भी सिंगल विंडो के जरिये प्रस्तावों को ग्रीन सिग्नल दिया जाएगा।
सिंगल विंडो में कौन-कौन होंगे महकमे
टीसीपी, हिमुडा, शहरी विकास, बिजली, आईपीएच, राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य महकमों को शामिल किया जाएगा।