एशियन गेम्स-2014 में भारत को कांस्य दिलाने वाली एथलीट ओपी जैयशा की नजरें अब वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है। गोल्ड मेडल जीतने के लिए मेहनत कर रही हैं। इसके लिए वे धर्मशाला में सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास कर रही हैं। मूलत: केरल की जैयशा यहां के मौसम को अभ्यास के लिए सर्वश्रेष्ठ मानती हैं।
एशियन गेम्स की तैयारियां भी उन्होंने इसी ट्रैक पर की थी और कांस्य पदक जीता था। जैयशा वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांच हजार मीटर दौड़ के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं, लेकिन उनकी नजरें पंद्रह सौ मीटर पर हैं। इसके लिए उन्हें क्वालीफाई करना है। धर्मशाला पहुंची एथलीट ने ‘अमर उजाला’ से अपनी तैयारियों पर बातचीत की।
उन्होंने कहा कि उनका सपना वर्ल्ड चैंपियनशिप में पंद्रह सौ मीटर में भारत को गोल्ड मेडल दिलाना है। इसके लिए तैयारियां कर रही हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए उन्होंने धर्मशाला और बंगलूरू को चुना है। इसके बाद विदेशों में भी अभ्यास करेंगी। जैयशा कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एथलीट बनेंगी। कॉलेज पहुंचने के बाद वे ट्रैक पर आईं, यहीं से उन्हें मंजिल मिल गई।
पति गुरमीत सिंह हैं गुरु
जैयशा के गुरु उनके पति हैं। गुरमीत सिंह एथलेटिक्स कोच हैं। एशियन गेम्स के लिए उन्होंने एक सप्ताह में करीब छह किलो भार कम किया था।