हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कानून-व्यवस्था विषय पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर सदन में हल्की नोकझोंक हुई। जब कानून-व्यवस्था विषय पर कटौती प्रस्ताव लाते हुए भाजपा विधायक महेंद्र सिंह सदन में प्रदेश में ड्रग माफिया, खनन माफिया और शराब माफिया की सक्रियता के लिए हिमाचल सरकार को जिम्मेवार ठहरा रहे थे तो उसी समय बीच में कृषि एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि वे गलत बोल रहे हैं।
इस पर महेंद्र सिंह ने कहा- आप मिनिस्टर हैं। आपको ऐसे बात नहीं करनी चाहिए। मंत्री जी! हम आपका आदर करते हैं, इसे अनादर में न बदलें। इसके बाद सदन में दोनों पक्षों में हल्का शोर-शराबा होता। इसी बीच स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा- मिनिस्टर अप्रूव कर सकते हैं। इसी बीच सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा- इनको माफिया नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेवरेज कारपोरेशन कदम को बनाना क्रांतिकारी कदम है। सीएम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए अपना वक्तव्य जारी रखा तो इसी बीच विपक्ष के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अगर हर डिमांड पर सदस्यों के वक्तव्य के बाद सीएम इसी तरह से बोलते रहे तो एक मांग पर चर्चा में पांच दिन लगेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को आखिर में केवल एक साथ ही बोलना चाहिए। इसके बाद गगरेट के कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने विरोध किया कि जब सीएम भी बोलने के लिए खड़े होते हैं तो विपक्ष के सदस्य भी बीच में बोलने के लिए खडे़ हो जाते हैं। इस बीच विपक्ष की ओर से हंसराज, विक्रम जरियाल, राजीव बिंदल और जयराम ठाकुर ने भी राकेश कालिया पर निशाना साधे।
मेरा कोई रिश्तेदार बेवरेज सप्लाई से नहीं जुड़ा: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा- भाजपा के कुछ लोग ये गलत आरोप लगा रहे हैं कि उनके रिश्तेदार बेवरेज सप्लाई के काम से जुडे़ हुए हैं, जबकि कोई भी मेरा रिश्तेदार इस काम से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि बेवरेज कारपोरेशन का हिमाचल में गठन बेहतर आपूर्ति के लिए किया गया है। यह सीधा निर्माता से ही सप्लाई करता है।