हिमाचल में अब नए भवनों में सोलर पैनल या बायोमास सिस्टम लगाना होगा। प्रदेश सरकार भवन मालिक को दोनों में से एक विकल्प देगी। इसके लिए बाकायदा एक पॉलिसी बनाई जा रही है। पर्यावरण, टीसीपी और ऊर्जा विभाग मिलकर इसका खाका तैयार कर रहे हैं।
दोनों विकल्पों में से एक को अनिवार्य तौर पर अपनाना पड़ेगा। अगर यह प्रयास सिरे चढ़ा तो वैकल्पिक ऊर्जा के लिए ऐसी व्यवस्था करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य होगा। हिमाचल में बिजली बचत के लिए प्रदेश सरकार नए फार्मूले पर काम कर रही है।
सोलर पैनल या बायोमास सिस्टम शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बनने वाले मकानों पर लगाने की व्यवस्था की जा रही है। सौर ऊर्जा पैनल लगाकर लोग जहां अपने घरों को रोशन कर सकेंगे, वहीं पानी गर्म करने आदि की सुविधा भी मिलेगी।
सोलर फेंसिंग से खेतों को भी जानवरों से बचाया जा सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण तरुण कपूर ने बताया कि तीन विभाग मिलकर पॉलिसी बना रहे हैं। जल्द ही सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव को भेजा जाएगा।
सोलर पैनल पर सब्सिडी दे रही सरकार
घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार 70 फीसदी सब्सिडी दे रही है। घरेलू इस्तेमाल के बाद सरप्लस बिजली बेचने की सुविधा भी है। इसे पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से राज्य बिजली बोर्ड खरीद रहा है।
प्रदेश सरकार के प्रयासों से एक से 5 किलोवाट तक के सौर पैनल लगाने के लिए लोग प्रति माह सरकार को आवेदन कर रहे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को इसका काफी लाभ मिल रहा है।