मनरेगा के एक कामगार की एक ही वक्त में दो जगह हाजिरी लगा दी गई। चंबा जिले का यह मामला आरटीआई एक्ट के तहत की गई एक अपील के निपटारे के दौरान सामने आया है। अपील सूचना आयोग में पहुंची।
इस पर आयोग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए लाभार्थी और जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की संस्तुति की। मामले की सुनवाई राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान के आरटीआई कोर्ट में हुई।
आयोग ने आदेश की प्रति पंचायतीराज विभाग के निदेशक और डीसी चंबा को भी जारी की है, ताकि दोषी पदाधिकारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। चंबा के भारिया कोठी निवासी भगतराम ठाकुर ने आयोग के समक्ष आरटीआई की अपील की थी।
उपायुक्त की ओर से बताया गया कि इस बारे में जांच की गई है। इसमें एक ही व्यक्ति के दो अलग-अलग खातों में पैसा जमा किया गया है, जबकि काम का समय एक ही है।
हाजिरी लगाने के लिए वार्ड सदस्य को भी जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि मस्टररोल जारी करने के लिए प्रधान के सम्मिलित होने की बात की गई। इस पर आयोग ने काफी तल्खी दिखाई।
आयोग ने यह भी टिप्पणी की
आयोग ने टिप्पणी की कि अन्य कानूनों को ओवरराइड करने का आरटीआई एक्ट का मकसद यह भी है कि इससे नागरिकों को शासन-प्रशासन की तमाम सूचनाएं रहें। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को कम करना भी है। सरकार और उसके उपकरणों को शासन के लिए जवाबदेह बनाना भी है।