चुनावी वर्ष के दौरान भाजपा छोड़ने वाले संभावित नेताओं की आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) नब्ज टटोलेगा। आरएसएस की शिमला के सरस्वती विद्या मंदिर हिमरश्मि परिसर विकासनगर में विविध संगठनों के साथ हुई समन्वय बैठक में यह फैसला किया गया।
हिमाचल प्रदेश में चुनावी वर्ष के दौरान भाजपा छोड़ने वाले संभावित नेताओं की आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) नब्ज टटोलेगा। आरएसएस की शिमला के सरस्वती विद्या मंदिर हिमरश्मि परिसर विकासनगर में विविध संगठनों के साथ हुई समन्वय बैठक में यह फैसला किया गया। सरस्वती विद्या मंदिर हिमरश्मि परिसर में करीब सात घंटे तक चली बैठक में भाजपा छोड़कर गए बागियों की वापसी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी बैठक में मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। विधानसभा चुनाव को लेकर संघ ने सरकार और संगठन के कामकाज की समीक्षा की।
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भाजपा छोड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं की टोह लेते हुए इसके कारण पता करने को कहा। बैठक में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव पर सितंबर में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। अरुण कुमार ने समन्वय क्यों और कैसे पर अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से वैचारिक अधिष्ठान, एक लक्ष्य, कार्यपद्धति, पारदर्शिता और आर्थिक शुचिता को अपने जीवन में अपनाने पर बल दिया। समन्वय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार, प्रचारक प्रमुख रामेश्वर दास, उत्तर क्षेत्र प्रचारक बनवीर सिंह, प्रांत संघचालक डॉ. वीर सिंह रांगड़ा, प्रांत कार्यवाह किस्मत कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप सहित विविध संगठनों के प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता बैठक में मौजूद रहे।