प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में अब लिंग जांच एवं कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले व्यक्ति को एक लाख रुपये का ईनाम दिया जाएगा। वीरवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने राज्य पर्यवेक्षी बोर्ड (पीसी एंड पीएनडीटी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में क्रियाशील अल्ट्रा साउंड मशीनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है लेकिन निजी क्लिनिकों में अभी भी दुरुपयोग के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन मशीनों में एक्टिव ट्रेकिंग डिवाईस लगाने पर विचार कर रही है और पायलट आधार पर ये डिवाइस प्रथम चरण में कांगड़ा जिले में प्रयोग किए जाएंगे और चरणबद्ध तरीके से राज्य की सभी सरकारी व निजी अल्ट्रा साउंड मशीनों में ये उपकरण लगाने अनिवार्य बनाए जाएंगे।
उन्होंने इस उपकरण के फायदों व नुकसान का आंकलन करने के लिये वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समिति के गठन के निर्देश दिए। यह समिति तीन माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक बीएस ठाकुर, सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियमन के अधिकारी तथा बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य बैठक में उपस्थित थे।
नियमित निरीक्षण करें सभी सीएमओ
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संबंधित जिलों एवं स्वास्थ्य खंडों में स्थापित अल्ट्रासाउंड के नियमित तौर पर निरीक्षण एवं कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा
कि राज्य सरकार ने कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने पर ईनाम की राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या न केवल पाप है, बल्कि जघन्य अपराध भी है और अधिनियम में इसके लिये कड़ी सजा का प्रावधान है।
मशीन संचालन के लिए पात्रता होगी चेक
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीनों के संचालन के लिये उपयुक्त पात्रता देखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के अंतर्गत एक लड़की पर परिवार नियोजन अपनाने पर 35000 रुपये तथा दो लड़कियों पर 25000
रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से भारतीय मेडिकल परिषद से इन मशीनों के संचालकों के प्रशिक्षण से संबंधित नियम बनाने का आग्रह करने को कहा।