एलआईसी में 10 साल तक उपभोक्ता 61240 रुपये किस्तों में जमा कराता रहा। लेकिन एलआईसी पॉलिसी परिपक्व हुई तो इसे केवल 36735 रुपये ही मिले। जितनी बीमा की किस्तें जमा करवाई थीं उतनी धनराशि न मिलने पर उपभोक्ता परेशान है। जाहू पंचायत के गांव डोहग के निवासी डंडू राम पुत्र महंत राम के साथ ऐसा कुछ ऐसा ही हुआ। डंडू राम ने बताया कि एलआईसी एजेंट के माध्यम से 28 मार्च 2010 को एलआईसी की पॉलसी ली थी। जिसकी किस्त त्रैमासिक 1530 रुपये जमा होती रही। एक साल की 6124 रुपये बनती थी। 10 साल तक एलआईसी की किस्त समय पर जमा करवाई गई। 10 साल में 61240 रुपये एलआईसी की किस्त के रूप में जमा करवाई गई।
जब मैच्योरिटी पर 36755 रुपये बैंक के खाते में एलआईसी की ओर से जमा करवा दिए गए। लॉकडाउन की वजह से एलआईसी ऑफिस में बात न होने की वजह से पूरी जानकारी नही मिल रही थी। अब एलआईसी हमीरपुर कार्यलय में छानबीन की गई तो एलआईसी एजेंट से बात करने को कहा गया। जब एलआईसी एजेंट से बात की तो एलआईसी कार्यालय में बात करने को कह रहे हैं। एलआईसी हमीरपुर के सीनियर ब्रांच मनैजर विजय कौशल ने बताया कि कुछ एलआईसी पॉलिसी में हाई रिस्क कवर होता है, जिसमें मैच्योरिटी पर कम धन मिलता है। एजेंट को पॉलिसी करते समय उपभोक्ता को पूरी जानकारी देनी चाहिए। इसकी जांच जाएगी। एलआईसी एजेंट का कहना है कि उन्होंने पॉलिसी ठीक की है। इसके बारे में अधिक जानकारी हमीरपुर कार्यालय से लें।