प्रवीण चौहान वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजे की राशि पर 9 फीसदी ब्याज अदा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि वाहन मालिक से वसूली जाए। आश्रितों में मृतक की पत्नी और तीन लड़कियां शामिल हैं।
वाहन दुर्घटना में मृतक के आश्रितों को 21.92 लाख रुपये का मुआवजा अदा करने के आदेश दिए हैं। प्रवीण चौहान वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला ने इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजे की राशि पर 9 फीसदी ब्याज अदा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि वाहन मालिक से वसूली जाए। आश्रितों में मृतक की पत्नी और तीन लड़कियां शामिल हैं। 14 अगस्त 2014 को मृतक मातल से शिमला की तरफ सफर कर रहा था। प्रतिवादी ने तेज रफ्तार से गाड़ी मृतक की गाड़ी को टक्कर मारी। इस दुर्घटना में मृतक की मौत हो गई थी।
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मृतक के आश्रितों ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण शिमला के समक्ष मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी। दलील दी गई कि मृतक सरकारी कर्मचारी था और 14 हजार रुपये उसका मासिक वेतन था। कृषि से भी वह एक लाख रुपये सालाना कमाता है। याचिकाकर्ता पूरी तरह से मृतक की आय पर आश्रित थे।
यह भी दलील दी गई कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण चालक की लापरवाही थी। मालिक की ओर से दलील दी गई कि गाड़ी का बीमा इंश्योरेंस कंपनी करवाया गया था। मुआवजे की राशि इंश्योरेंस कंपनी को दिए जाने का आग्रह किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आश्रितों की ओर से मुआवजे के लिए दायर की गई याचिका को स्वीकार किया।