सीएम जयराम ने कहा कि गत सप्ताह लाहौल घाटी में जान और माल की भारी क्षति हुई है। किरतिंग और हवाई मोड़ नजदीक गांव कुकुमसेरी में भूस्खलन हुआ है। जाहलमा नाला, साक्स नाला, चांगुट, उरगोश नाला और दारचा-शिंकुला सड़क पर दो नालों में भारी बाढ़ आई है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को सदन में कहा कि बाढ़ प्रभावित जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लिए आपदा प्रबंधन राशि में से 10 करोड़ रुपये की राहत राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें बंद होने से किसानों को फसलें मंडियों तक ले जाने में समस्या आ रही है। ऐसे में उदयपुर-तिंदी से सिस्सू तक 2500 से 3000 रुपये प्रति पिकअप लोड की दर से परिवहन अनुदान दिया जाएगा। इसका भुगतान नियमानुसार संबंधित विभाग करेेंगे। यह अनुदान घाटी में परिवहन व्यवस्था के सुचारु होने तक दिया जाएगा।
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सीएम ने कहा कि गत सप्ताह लाहौल घाटी में जान और माल की भारी क्षति हुई है। किरतिंग और हवाई मोड़ नजदीक गांव कुकुमसेरी में भूस्खलन हुआ है। जाहलमा नाला, साक्स नाला, चांगुट, उरगोश नाला और दारचा-शिंकुला सड़क पर दो नालों में भारी बाढ़ आई है। इससे सड़कों, पुलों, पेयजल और सिंचाई योजनाओं को भारी नुकसान हुआ है। इसी तरह तोजिंग नाला में भारी बाढ़ आने से सात लोगों की जान चली गई है। तीन लोग अभी भी लापता हैं और दो घायल लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला में आठ सड़कों और पुलों, 10 पेयजल योजनाओं और 35 बहाव सिंचाई योजनाओं की भारी क्षति हुई है। लोगों की जमीनेें भी बह गई हैं। मुख्य नकदी फसलों मटर, आइसबर्ग, फूलगोभी, बंद गोभी, सजावटी फूलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने खुद 31 जुलाई को वहां जाकर नुकसान और राहत कार्यों का जायजा लिया है। एक अगस्त को हेलीकाप्टर से भी सर्वेक्षण किया है। वहां पर फंसे 372 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें से 19 लोगों को हेलीकाप्टर से निकाला गया है।
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बीआरओ, पीडब्ल्यूडी और जल शक्ति विभागों को राहत कार्यों के निर्देश
बीआरओ, लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभागों को राहत कार्यों के लिए तुरंत प्रभाव से काम करने को कहा गया है। लाहौल के मुख्य मार्गों में केवल तांदी संसारीनाला सड़क अवरुद्ध है। इसे बीआरओ की ओर से शीघ्र बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।