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मनाली तक रेल ट्रैक का रूट फाइनल, लगाईं बुर्जियां, दिल्ली से इतने घंटे में पहुंचेंगे लेह

Sat, 23 Nov 2019 11:12 AM IST
Krishan Singh मनोज शर्मा/हरदेव हरि, अमर उजाला, नगवाईं/मंडी
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सांकेतिक तस्वीर
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सामरिक महत्व और पर्यटन विकास के लिए बहुप्रतिक्षित 465 किलोमीटर लंबी बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन का सर्वे पूरा करने के बाद रेलवे विभाग ने रेलवे ट्रैक को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। विभाग ने रेफरेंस प्वाइंट्स पर जीपीएस के माध्यम से ट्रैक को अंतिम रूप दिया है। इसके साथ-साथ बिलासपुर से मनाली तक रेलवे विभाग ने निशानदेही करते हुए पक्के निशान (बुर्जियां) भी लगाए हैं। नगवाईं में भी बुर्जियां लग चुकी हैं। इस लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे हो चुका है। इस रेल लाइन पर लगभग 83360 करोड़ रुपये का खर्च होगा।

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 बता दें कि लद्दाख का सुदूर उत्तरी कोना देश की राजधानी दिल्ली से रेल लाइन से जुड़ने जा रहा है। इस रेल सेक्शन का नाम बिलासपुर-मनाली-लेह लाइन रखा गया है। सामरिक रूप से इसका खास महत्व है, क्योंकि लेह से कुछ ही दूरी पर चीन की सीमा पड़ती है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दुनिया की यह सबसे ऊंची रेल लाइन होगी। इस रेल सेक्शन पर ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। इस रेल लाइन के बनने से दिल्ली-लेह के बीच सफर का समय 40 से घटकर 20 घंटे रह जाएगा। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि लोकेशन सर्वे पूरा होने के बाद फाइनल ट्रैक को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

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बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन  रेलवे ट्रैक में होंगे तीस स्टेशन  

सामरिक महत्व और पर्यटन विकास के लिए बहुप्रतिक्षित 465 किलोमीटर लंबी बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन के कुल 30 स्टेशन होंगे। बिलासपुर और लेह को जोड़ने वाली यह लाइन सुंदरनगर, मंडी, मनाली, केलांग, कोकसर, दर्चा, उपशी और कारू से गुजरेगी। सभी स्टेशन हिमाचल, जम्मू और कश्मीर के होंगे।

लाइन से सुरक्षा बलों को भी मदद मिलेगी। निर्माण के बाद इस लाइन की ऊंचाई समुद्री सतह से 5,360 मीटर होगी। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि इस पर काम हो रहा है।

इस लाइन का 52 फीसदी हिस्सा सुरंग से होकर गुजरेगा। इसमें सबसे लंबी सुरंग 27 किलोमीटर होगा। सुरंग के अंदर से कुल 244 किलोमीटर लाइन गुजरेगी। पहले फेज के सर्वे के मुताबिक, 74 सुरंग, 124 बड़े पुल और 396 पुलिया बनेंगी।
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