समुद्र तल से दस हजार फीट की ऊंचाई पर बन रही दुनिया की सबसे लंबी ट्रैफिक टनल को लाहौल-स्पीति के 18 बुजुर्गों ने आर-पार किया है। दोपहर करीब डेढ़ बजे इन बुजुर्गों ने बीआरओ और कंपनी के अधिकारियों के साथ रोहतांग टनल के नार्थ पोर्टल से साउथ पोर्टल तक सफर तय किया।
बुजुर्गों को टनल प्रबंधन की एक बस और तीन छोटे वाहनों से ले जाया गया। टनल के भीतर 8.8 किमी सफर पूरा करने में 34 मिनट का वक्त लगा। इनमे शुरतंग निवासी 103 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल रहे। बुजुर्गों को जिप सदस्य तंजिन करपा और कोकसर पंचायत प्रधान अंजू देवी के देखरेख में टनल में भेजा गया।
बुजुर्ग अमर सिंह, दुनी चंद तथा राम सिंह बाटा ने बताया कि जब वे जवान थे तो सुरंग बनाने की बात चली थी। उस दौरान उनके लिए ये महज कल्पना भर थी लेकिन आज खुद इस ऐतिहासिक टनल को पार करने वाले पहले यात्री बने जो किसी सपने कम नहीं था।
तंजिन करपा ने बताया कि टनल को आरपार करने वाले बुजुर्गों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा की यह टनल लाहौल-स्पीति में पर्यटन के लिहाज से वरदान साबित होगी। कंपनी के अधिकारी सुनील त्यागी ने बताया कि ये 18 बुजुर्ग सबसे पहले रोहतांग टनल को आर-पार करने वाले यात्री बने हैं।