रोहतांग दर्रे को पैदल पार करते लाहौल-स्पीति के लोग।
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विश्व प्रसिद्ध रोहतांग मार्ग बहाल करने के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अब लेह मार्ग की बहाली में जुट गया है। बीआरओ का दावा है कि हिमाचल की सीमा सरचू तक लेह मार्ग को 30 अप्रैल तक बहाल कर दिया जाएगा।
उधर, बीआरओ का ही एक विंग लेह से सरचू की तरफ मार्ग बहाली में जुटा है। मौसम ने साथ दिया तो मई माह के पहले हफ्ते से मनाली से सरचू होते हुए सेना के काफिले राशन और रसद लेकर लेह बॉर्डर के लिए रवाना हो जाएंगे।
सैलानी भी सड़क मार्ग से लेह जा सकेंगे। सीमा सड़क संगठन ने इन दिनों अपनी पूरी मशीनरी मनाली-सरचू मार्ग पर लगा दी है। बीआरओ बर्फ हटाते हुए पटसेऊ तक पहुंच गया है। हालांकि, पटसेऊ से पांच किमी पीछे दारचा की तरफ हिमखंड गिरने से बीआरओ को फिर पीछे मुड़ना पड़ा।
सामरिक महत्व के इस मार्ग की बहाली पर देश के रक्षा मंत्रालय की नजरें भी टिकी हैं। मनाली से लेह 475 किलोमीटर दूर है। लेकिन बीआरओ के 38 बीआरटीएफ के अधीन मनाली से सरचू तक 250 किमी मार्ग आता है।
उसके आगे मार्ग जेएंडके राज्य के अधीन है। 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि उनकी टीम पटसेऊ के पास पहुंच चुकी है। अभी मौसम साथ नहीं दे रहा है। 30 अप्रैल तक उनके अधीन मनाली-सरचू मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। जम्मू की तरह से भी मार्ग बहाली जारी है।