रोहतांग दर्रे पर 1000 वाहनों की एंट्री और उन पर भारी उपकर लगाने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका हिम-आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने दाखिल की है। मनाली के सैकड़ों टैक्सी ड्राइवर इसे लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
न्यायमूर्ति एके सिकरी और न्यायमूर्ति यूयू ललित की अवकाशकालीन पीठ ने हिमाचल सरकार के संबंधित विभाग को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने इस संबंध में फिलहाल कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार किया है। पीठ ने कहा कि दूसरे पक्ष का जवाब आए बगैर ऐसा नहीं किया जा सकता। अगली सुनवाई 26 मई को होगी।
याचिका में कहा गया है कि एनजीटी के आदेश के तहत 14 अगस्त तक रोजाना महज 1000 टैक्सियों को ही मनाली से रोहतांग जाने की अनुमति दी जाएगी। इनमें से 600 पेट्रोल वाहन और 400 डीजल वाहन होंगे। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर रोहतांग दर्रे पर वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी। इतना ही नहीं डीजल वाहनों से 2500 रुपये और पेट्रोल वाहनों से 1000 रुपये पर्यावरण उपकर भी लिया जा रहा है।