सरकार ने इस मामले को केंद्र और बीआरओ से उठाया। आखिरकार बीआरओ को 21 नवंबर को बर्फ हटाने का काम शुरू किया। बीआरओ को हालांकि रोहतांग में बर्फीली हवाओं के साथ शून्य से नीचे 15 डिग्री तापमान का भी सामना करना पड़ा।
बीआरटीएफ 38 के कमांडर कर्नल एसके अवस्थी ने बताया कि संगठन ने शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रोहतांग होकर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है। इससे पहले कोकसर में वाहनों को रोका गया।
एसडीएम केलांग अमर नेगी ने बताया कि सड़क में बर्फ जमने से सफर जोखिम भरा है। लिहाजा, वाहन चालक सुबह जल्दी और देर शाम को रोहतांग होकर सफर न करें।
कहा कि सड़क तंग होने से आगामी कुछ दिनों तक इस रूट पर वन वे ट्रैफिक लागू रहेगा। शनिवार को मनाली की तरफ से लाहौल के लिए वाहनों को छोड़ा जाएगा। डीसी कुल्लू यूनुस ने बताया कि रोहतांग दर्रे को लेकर प्रशासन लगातार बीआरओ के संपर्क में है।
मनाली-लेह मार्ग दारचा तक खुल गया है। लाहौलवासी और आपात स्थिति में ही वाहन रोहतांग दर्रा होकर जा सकते हैं। पर्यटक वाहन केवल गुलाबा तक ही जा सकेंगे। इससे आगे वाहनों को भेजने की अनुमति नहीं है। माइनस डिग्र तापमान में दिन-रात काम कर बीआरओ ने दर्रा खोल दिया है।
शुक्रवार दोपहर से वाहन रोहतांग होकर गुजरे। हालांकि, सुबह और शाम के समय रोहतांग होकर आवाजाही खतरनाक हो सकती है। सुबह-शाम तापमान माइनस में होने से सड़क पर बर्फ जमने के कारण फिसलन हो जाती है। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
दर्रे पर दोनों किनारों में बर्फ अधिक होने से अभी एक तरफा यातायात ही शुरू हो पाया है। स्नो क्लीयरेंस में बीआरओ की मशीनरी लगी है। सड़क चौड़ी होने पर दोतरफा यातायात शुरू होगा।
कुल्लू प्रशासन लगातार बीआरओ के संपर्क में है। हालात को लेकर फीडबैक ले रहा है। इधर, डीसी यूनुस ने कहा कि गुलाबा से आगे पर्यटक वाहनों के लिए जाने की अनुमति नहीं है।
यदि कोई पर्यटक वाहन गुलाबा बैरियर क्रॉस करता है तो उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। लाहौल जाने वाले चालक मौसम का ध्यान रखें। फिसलन होने से दुर्घटना की आशंका रहती है।