पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा रोहड़ू-हाटकोटी-ठियोग सड़क को लेकर सचिवालय और विधानसभा घेरने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि अगर ढाई महीने के भीतर सड़क कार्य में तेजी नहीं आई तो सत्याग्रह पार्ट-2 शुरू होगा। इसके तहत धरने, प्रदर्शन होंगे।
उन्होंने कहा कि सड़क की हालत को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिस पर 2 दिसंबर को सुनवाई होनी है। पार्टी सड़क की स्थिति को लेकर मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाएगी। बरागटा बुधवार को प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। कहा कि सड़क से लगातार उड़ रही धूल के कारण लोग बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
उन्होंने सरकार से सड़क किनारे चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की। अगर सरकार चिकित्सा शिविर का आयोजन नहीं करती है तो भाजपा एनजीओ के साथ मिलकर स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर आयोजित करेगी। यदि सरकार ढाई माह के भीतर सड़क कार्य को लेकर गंभीरता नहीं दिखाती तो उसके बाद जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बरागटा ने कहा कि रोहड़ू-हाटकोटी-ठियोग सड़क को लेकर 80 किलोमीटर तक की गई पदयात्रा में 57 हजार लोग जुड़े और सत्याग्रह के दौरान 123 सभाएं कीं। इसमें नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के अतिरिक्त महेंद्र सिंह ठाकुर, वीरेंद्र कश्यप, सुरेश भारद्वाज, सत्ती सहित अन्य नेताओं ने भाग लिया।
आरोप लगाया कि मुख्य संसदीय सचिव रोहित सहित अन्य कांग्रेस नेता सड़क निर्माण कार्य को गंभीरता से लेने की बजाए मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह सड़क के बीच का हिस्सा पक्का करे, बाकी पुल और पैरापिट बाद में भी लगाए जा सकते हैं।