हिमाचल प्रदेश में कोविड और अन्य कारणों से फंसीं सड़कों के निर्माण को केंद्र सरकार ने अंतिम मोहलत दे दी है। अब पीएमजीएसवाई फेज-एक और फेज-दो के तहत मंजूर इन सड़कों को एक अप्रैल, 2022 तक पूरा किया जा सकेगा। अगर ये सड़कें परियोजनाएं इस डेडलाइन तक भी पूरी नहीं होती हैं तो इन्हें ओएमएमएस पोर्टल पर फ्रीज किया जाएगा। इनके लिए केंद्र सरकार से मंजूर बजट के अलावा अन्य अतिरिक्त खर्च राज्य सरकारों को खुद ही वहन करना पड़ेगा। सभी योजनाओं की 15 जुलाई तक वन क्लीयरेंस लेने के भी निर्देश दिए गए हैं, वरना ये योजनाएं ओएमएमएस पोर्टल पर फ्रीज होंगी।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने इस संबंध में पीएमजीएसवाई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मुख्य अभियंता को चिट्ठी भेजी है। इसमें लिखा गया है कि वन क्लीयरेंस, भूमि और अन्य कानूनी वजहों से बड़ी संख्या में पीएमजीएसवाई-एक और दो की योजनाएं फंसी हुई हैं। पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयीय राज्यों से इस बारे में लगातार अनुरोध किए गए हैं कि कोविड लॉकडाउन और अन्य वजहों से कई सड़कों का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है।
इस मामले को सावधानीपूर्वक देखा गया है। इसमें यह तय किया गया है कि संबंधित सड़कों को पूरा करने के लिए एक अंतिम अवसर दिया जाए। पीएमजीएसवाई योजना को 2000 मेें के पहले चरण को पूरा करने की सनसेट तिथि 31 मार्च 2019 तय की गई थी। दूसरे चरण को पूर्ण करने की तिथि 31 मार्च 2020 निर्धारित की गई, मगर इसके बावजूद बहुत सी परियोजनाएं अभी भी आधी-अधूरी हैं। ऐसे में मोहलत मिलने से हिमाचल को राहत मिली है।