तंग सड़क पर वाहनों की आवाजाही के लिए आए दिन लोगों के बीच हो रही कहासुनी, झगड़ों तक पहुंच रही नौबत
चलौंठी और आसपास के क्षेत्र के लोगों को बसों की सुविधा के लिए चलना पड़ रहा कई किलोमीटर पैदल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। संजौली-ढली बाईपास पर पिछले डेढ़ महीने से वाहनों की आवाजाही बंद है। इस वजह से बसों समेत छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही संजौली बाजार से होकर हो रही है। एनएचएआई ने पिछले दिनों पुलिस के आग्रह पर सेफ्टी ऑडिट कर मार्ग पर पांच टन तक वाहनों को चलाने की सिफारिश की है। इसके बावजूद अभी तक प्रशासन ने मार्ग को छोटे वाहनों के लिए नहीं खोला है। हालत यह है कि इस वजह से संजौली मार्ग पर वाहनों का दबाव कई गुणा बढ़ गया है। इस वजह से मार्ग पर ट्रैफिक जाम लग रहा है तो वहीं आए दिन वाहन चालकों के बीच कहासुनी और झगड़ों के मामले भी आ रहे हैं। इसको देखते हुए लोगों ने ढली बाईपास पर छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल करने की मांग की है। हालांकि एनएचएआई ने अपने ऑडिट में बसों समेत बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग को असुरक्षित बताया है।
संजौली मार्ग तंग होने के कारण यहां बसों की आवाजाही होने से पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में हैं। मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पुलिस के लिए मार्ग पर यातायात को सुचारु करना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
चलौंठी समेत आसपास के क्षेत्र के लोग झेल रहे परेशानियां
चलौंठी के समीप टनल निर्माण के कारण दरारें आने के बाद 9 जनवरी से मार्ग को सभी तरह के वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इस वजह से चलौंठी और इसके आसपास के क्षेत्र के लोगों को बसों समेत अन्य परिवहन सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। हालत यह है कि यहां के लोगों को बस सुविधा के लिए संजौली बाजार या ढली आना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। इसको लेकर लोगों में रोष है। लोगों की मांग है कि उनके लिए वैकल्पिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। वहीं स्कूलों के खुलने के बाद इन क्षेत्रों से विभिन्न स्कूलों में जाने वाले विद्यार्थियों को भी दिक्कतों से जूझना पड़ेगा।