प्रदेश की 2200 किलोमीटर सड़कें आदर्श आचार संहिता के फेर में फंस गई हैं। पीडब्ल्यूडी ने इन पर तारकोल बिछाने का काम करवाने की मंजूरी लेने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लेटर भेजा है।
विभाग अब सीईओ के जवाब का इंतजार कर रहा है। सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट जारी किया था। पीडब्ल्यूडी ने 2014-15 के लिए 2200 किलोमीटर सड़कों की सूरत बदलने को प्रस्ताव तैयार किया था।
काफी संख्या में टेंडर भी जारी कर दिए थे, लेकिन बांड और कुछ सड़कों के टेंडर होने रह गए। ऐसे में विभाग सड़कों पर काम शुरू नहीं कर सकता, जब तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अनुमति नहीं मिलती।
तीन दिन पहले ही विभाग ने लेटर भेजा है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। हिमाचल में अप्रैल-जून के बीच ही तारकोल का काम कराया जा सकता है। प्रदेश में ज्यादातर सड़कों की हालत खराब है।