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कोटशेरा कॉलेज में मारपीट, आधा दर्जन छात्र जख्मी

Sat, 08 Aug 2015 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला के राजीव गांधी महाविद्यालय के बाहर शुक्रवार सुबह करीब दस बजे एबीवीपी और एसएफआई कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई। इसमें दोनों संगठनों के करीब आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आईं हैं। छात्रों के भिड़ने की वजह बैनर फाड़े जाना बताया जा रहा है। इसको लेकर एसएफआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच में पहले बहस हुई और फिर हाथापाई हो गई।
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कॉलेज के शिक्षकों और कर्मचारियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत करवाया। झड़प की सूचना मिलने पर पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे तब तक माहौल शांत हो गया था। कॉलेज के उपप्रधानाचार्य पीसी कश्यप ने माना कि कॉलेज के बाहर छात्रों में बैनर को लेकर झड़प हुई। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने बीच में जाकर दोनों संगठन कार्यकर्ताओं को अलग किया और पुलिस को इसकी सूचना दी।

इस पर कैंपस में पुलिस पहुंची और स्थिति सामान्य हो गई। कॉलेज शिक्षकों के जीरो टीचिंग आवर के चलते परिसर को खाली करवा दिया गया। अब स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि परिसर में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं नहीं की जाएगी।
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एसएफआई ने की शुरुआत : एबीवीपी
एबीवीपी के छात्र नेता अतुल शर्मा और इकाई सचिव रजनीश ठाकुर का आरोप है कि झगड़े की शुरुआत एसएफआई कार्यकर्ताओं ने की। उनका आरोप है कि जानबूझ कर एसएफआई माहौल खराब कर रही है। आए दिन एसएफआई के कार्यकर्ता और बाहरी तत्व परिसर में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। शुक्रवार को हुई झड़प में उनके कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं।

एबीवीपी ने रची थी साजिश : एसएफआई
एसएफआई के शहरी इकाई सचिव चंद्रकांत वर्मा का आरोप है कि एबीवीपी के कार्यकर्ता और गुंडा तत्व जानबूझ कर एसएफआई के कार्यकर्ताओं को उकसा रहे थे। उन्होंने बैनर फाड़ा और उसके बाद ही बहस शुरू हुई।

उनका कहना है कि एसएफआई का शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम तय था जो किन्हीं कारणों से स्थगित कर दिया गया। एबीवीपी के कार्यकर्ता इसी कार्यक्रम में खलल डालने के मकसद से परिसर में पहुंचे थे। कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को भी इस झड़प में मामूली चोटें आई हैं।
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