भट्ठाकुफर फल मंडी में डार्क बैरन गाला प्रति पेटी 4,611 रुपये में बिका, बागवानों में अच्छे दाम से उत्साह
सेब की बोली ही 3 हजार प्रति बॉक्स से शुरू हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में डार्क बैरन गाला किस्म के सेब ने दाम का नया रिकॉर्ड बनाया है। भट्ठाकुफर मंडी में शुक्रवार को गाला सेब का फुल बॉक्स 4,611 रुपये (230.55 रुपये प्रति किलोग्राम) तक बिका।
एक फुल बॉक्स में करीब 20 किलोग्राम सेब होता है। यह इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक भाव है। फसल के अच्छे दाम मिलने से बागवानों में खुशी का माहौल है। आढ़तियों के अनुसार फल मंडी में चियोग के बागवान नीतिश भारद्वाज डार्क बैरन गाला किस्म के सेब की खेप लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी फसल भट्ठाकुफर मंडी की शॉप नंबर-3 में बेची। बोली 3,000 रुपये से शुरू हुई और बढ़ते-बढ़ते 4,611 रुपये पर जाकर रुकी।
मंडी में रॉयल सेब का हाफ बॉक्स 2,700 रुपये, टाइडमैन 2,200 रुपये और रेड गोल्डन 2,200 रुपये में बिक रहा है। वहीं बाहरी राज्यों में मांग घटने से नाशपाती के दाम में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। मंडी में शुक्रवार को नाशपाती करीब 3,200 रुपये प्रति पेटी बिकी जबकि पिछले दिनों इसके दाम 3,800 से 3,900 रुपये प्रति पेटी तक पहुंच गए थे।
हर रोज पहुंच रही हैं छह हजार पेटियां
आढ़तियों के अनुसार मंडी में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रतिदिन 4,000 से 6,000 सेब के बॉक्स और 3,000 से 4,000 नाशपाती के बॉक्स मंडी पहुंच रहे हैं। इस तरह हर रोज करीब 10,000 पेटियां फल मंडी में आ रही हैं। आढ़तियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उत्पादन कम है, लेकिन अब मंडी में सेब की आवक तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती आपूर्ति के कारण मंडी में फलों के ढेर लगने लगे हैं।
कोट
ढली-भट्ठाकुफर मंडी के सचिव बिट्टू वर्मा ने बताया कि मंडी में फलों की आवक बढ़ गई है, हालांकि फसल पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इसके बावजूद बागवानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। शुक्रवार को गाला सेब का अधिकतम भाव 4,611 रुपये प्रति फुल बॉक्स दर्ज किया गया।
सड़क किनारे से हटाए गए वाहन
सेब सीजन को देखते हुए पुलिस की ओर से तैयार किए ट्रैफिक प्लान के तहत ढली-मैहली बाईपास पर सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाया है। इससे सड़क पूरी तरह खाली हो गई है। इससे पहले सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े होने के कारण लोगों को अक्सर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था। अब सड़क किनारे वाहनों के खड़े होने पर रोक लगा दी गई है, जिससे यातायात सुचारु हुआ है और लोगों को जाम से राहत मिली है।