राजस्व अधिकारी संघ की राज्य स्तरीय बैठक बिलासपुर के डियारा स्थित धौलरा मंदिर में हुई। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नारायण चौहान ने कहा कि राजस्व मंत्री कौल सिंह ने राजस्व अधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया था। इस पर कुछ भी नतीजा नहीं निकलने के कारण संघ को कड़े फैसले लेने पर मजबूर होना पड़ा है।
संघ ने फैसला लिया है कि अगर 14 सितंबर तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो 15 सितंबर से राजस्व अधिकारी सभी तरह के पंजीकरण कार्य एक हफ्ते के लिए रोक देंगे। उन्होंने कहा कि यदि उसके बाद भी सरकार इस पर कोई फैसला नहीं लेती है तो पंजीकरण के कार्य अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए जाएंगे।
पंजीकरण कार्य को रोकने से राज्य के 89 तहसीलों, 50 उप तहसीलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। राजस्व अधिकारियों के इस फैसले से सरकार के खजाने में करोड़ाें का नुकसान होगा। क्योंकि स्टांप पंजीकरण से सरकार को एक दिन में पूरे राज्य से पांच करोड़ के करीब आमदन होती है।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में तहसीलदार से एचएएस के कोटे को 35 प्रतिशत करना, तहसीलदारों को सरकारी वाहन मुहैया करवाना आदि शामिल हैं। पंजीकरण शुल्क 200 से बढ़ाकर 3000 रुपये मासिक किया जाना चाहिए।