प्रदेश में करीब 55 निजी नर्सिंग संस्थान हैं। इसमें से 14 संस्थानों में खामियां पाई गई थीं, सात संस्थान औपचारिकताएं पूरी करने में असमर्थ रहे हैं। अब इनकी मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश में सात निजी नर्सिंग संस्थानों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय है। इन संस्थानों के पास न टीचिंग स्टाफ है और न ही पर्याप्त आधारभूत ढांचा। स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में गठित टीम की जांच ने इसका खुलासा किया है। जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी सौंप दी गई है। यह निजी संस्थान जिला शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के बताए जा रहे हैं। प्रदेश में करीब 55 निजी नर्सिंग संस्थान हैं। इसमें से 14 संस्थानों में खामियां पाई गई थीं, सात संस्थान औपचारिकताएं पूरी करने में असमर्थ रहे हैं।
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अब इनकी मान्यता को भी रद्द किया जा सकता है। प्रदेश सरकार को शिकायतें मिली हैं कि राज्य में चल रहे कई ऐसे निजी नर्सिंग संस्थान हैं, जहां प्रशिक्षु नर्सों को पढ़ाने के लिए स्टाफ नहीं है। संस्थानों में प्रैक्टिकल के लिए प्रयोगशालाएं तक नहीं हैं। कक्षाएं भी नियमित नहीं लग रहीं। प्रशिक्षु नर्सों को अस्पतालों में ही प्रैक्टिस के लिए भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त सात नर्सिंग संस्थानों में आधारभूत ढांचे में खामियां पाई गई हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।