फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल जीवन मिशन कॉन्फ्रेंस में खुलासा: पानी की गुणवत्ता में हिमाचल टॉप पर

Tue, 28 Dec 2021 11:00 AM IST
Krishan Singh आफताब अजमत, देहरादून

सार

नई दिल्ली के गुजरात भवन में यूनिसेफ-जल जीवन मिशन की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में यह बात सामने आई है। वहीं, देश को भरपूर ऑक्सीजन देने वाला उत्तराखंड स्वच्छ पेयजल देने के मामले में भी शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। 
विज्ञापन
शिमला शहर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवभूमि कहा जाने वाला हिमाचल प्रदेश पानी की गुणवत्ता के मामले में देश में पहले नंबर पर है। नई दिल्ली के गुजरात भवन में यूनिसेफ-जल जीवन मिशन की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में यह बात सामने आई है। वहीं, देश को भरपूर ऑक्सीजन देने वाला उत्तराखंड स्वच्छ पेयजल देने के मामले में भी शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। वहीं, हिमालयी राज्यों में वर्ष 2025-26 तक उत्तराखंड को ही सर्वाधिक 1344 करोड़ का बजट मिलेगा। जल शक्ति मंत्रालय ने घरों में सप्लाई होने वाले पेयजल की गुणवत्ता पर देशभर में अध्ययन किया। इस आधार पर पाया कि सर्वाधिक 98 प्रतिशत गुणवत्तायुक्त पेयजल हिमाचल प्रदेश में, 95 प्रतिशत गुणवत्ता वाला जल मणिपुर में और 92 प्रतिशत गुणवत्ता वाला पेयजल उत्तराखंड में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा देश में पांच राज्यों के 11 क्षेत्रों में सेंसर आधारित स्मार्ट वाटर सप्लाई मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें उत्तराखंड के टिहरी जिले में किथ, चूरेदार, कोट कुलोगी और देहरादून का दूधली शामिल है।  

राज्य के सात लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचा पानी

15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन के शुभारंभ के मौके पर उत्तराखंड में 15 लाख 18 हजार ग्रामीण परिवारों में से केवल एक लाख 30 हजार (8.6 प्रतिशत) के पास ही नल के पानी की आपूर्ति थी। अब सात लाख 33 हजार (48.34 प्रतिशत) को उनके घरों में नल का पानी मिल रहा है। प्रदेश के 2246 गांव हर घर तक जल मिलने वाले बन गए हैं। 2022 तक हर घर जल पहुंचाने की योजना है। हरिद्वार में जल जीवन मिशन के शुभारंभ के वक्त केवल 15 हजार 321 (5.70 प्रतिशत) को ही पीने योग्य पानी मिल रहा था। 26 महीने से जलापूर्ति में लगातार काम करने पर 45055 (17 प्रतिशत) परिवारों में पानी पहुंच चुका है। अब तक जिले के नौ गांवों के हर घर तक जल पहुंच चुका है। ऊधमसिंह नगर में 38077 ग्रामीण परिवारों (18.27 प्रतिशत) के लिए नल से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। 

बजट मिलने में हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड अव्वल

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशर्त अनुदान के लिए 2021-22 से लेकर 2025-26 तक हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड को सर्वाधिक बजट मिलेगा। जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड को सर्वाधिक 1344 करोड़ का बजट मिलेगा। 1004 करोड़ के साथ हिमाचल प्रदेश दूसरे और 540 करोड़ के साथ अरुणाचल प्रदेश तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा मणिपुर को 414, मेघालय को 426, मिजोरम को 218, नगालैंड को 292, सिक्किम को 100 और त्रिपुरा को 448 करोड़ का बजट मिलेगा। उत्तराखंड जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक भरतलाल के मुताबिक, बड़े पैमाने पर मिशन के तहत काम किए जा रहे हैं। आपदा प्रभावित होने के नाते उत्तराखंड में विशेषज्ञों की तकनीकी सलाह के आधार पर पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी।

2022 तक हिमाचल के हर घर में नल कनेक्शन 

जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल के हर गांव के हर घर तक 2022 तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने की योजना है। गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, पंजाब, सिक्किम और जम्मू कश्मीर में भी यह लक्ष्य रखा गया है। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

स्वास्थ्य में हिमाचल शीर्ष 10 राज्यों में शामिल

उधर, स्वास्थ्य मानकों पर देश के बड़े राज्यों में केरल लगातार चौथी बार शीर्ष पर है। उत्तर भारत के सिर्फ दो राज्य,  हिमाचल प्रदेश(सातवें) व पंजाब(आठवें) ने जगह बनाई है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें