नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग से 42 साल नौकरी कर बतौर सुपरवाइजर सेवानिवृत्त हुए चरणजीत ने आत्मदाह की धमकी दी है। चरणजीत सिंह का आरोप है कि सेवानिवृत्त होने के दो साल बाद भी उसे ग्रेच्युटी और कम्युटेशन का भुगतान नहीं किया जा रहा।
इससे परेशान होकर चरणजीत ने ये कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी का रोना रोकर निगम के अफसर उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डालकर बैठे हैं।
भुगतान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिलते आए हैं। लेकिन अब सब्र टूटने लगा है। यदि जल्द ही उनके पैसे नहीं लौटाए गए तो वे आत्मदाह कर लेंगे।