हींग के पौधे जो अमूमन नेपाल के पहाड़ों में ही कामयाब हैं, नंदा ने इन्हें भी अपने बगीचे में उगा लिया है। यही नहीं, दालचीनी, अनार, शहतूत आदि अलग-अलग पौधे फलों से लदे हुए हैं।
बगीचे में विशेष तौर पर केरल से लाया गया केले का पौधा और केरल का ही पेशनेट फ्रूट भी तैयार है। गुलजारी लाल स्थानीय लोगों के लिए बागवानी के क्षेत्र में नई पहल के चलते आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। लोग अकसर उनके पास मार्गदर्शन के लिए आने लगे हैं।
हरिमन बैराइटी उग सकती है गर्म इलाकों में
बिलासपुर के बागवान हरिमन ने कुछ साल पहले सेब की ऐसी किस्म ईजाद की है जो गर्म इलाकों में उगती है। हरमन की किस्म उनके नाम से पेटेंट भी हो चुकी है।
इस वैराइटी को दिल्ली और कई राज्यों में सफलतापूर्वक उगाया गया है। वे हर साल सैकड़ों सेब की कलमें बेचते हैं। लेकिन गुलजारी लाल नंदा ने बर्फीले इलाकों की किस्म को गर्म क्षेत्र में उगाकर नया कारनामा किया है।