सोलन। पेयजल किल्लत को लेकर धर्मपुर में ग्रामसभा की बैठक में ग्रामीणों ने खूब हंगामा किया। 15 दिन बाद पानी मिलने से नाराज चल रही महिलाओं ने पंचायत प्रधान को घेर लिया और पेयजल किल्लत पर प्रस्ताव पारित करने का दबाव बनाया। इसके बाद बहुमत से पेयजल किल्लत की समस्या का प्रस्ताव ग्रामसभा में पारित किया गया।
कुल्लू में आधा घंटा कम कर दी आपूर्ति
जिला मुख्यालय में ढालपुर की करीब 24 हजार आबादी को सप्लाई हो रही पानी का मात्रा में पांच लाख लीटर तक की कमी आई है। आईपीएच महकमा शहर को सुबह-शाम दो-दो घंटे पानी की सप्लाई करता रहा है, लेकिन इसमें अब आधे-आधे घंटे की कटौती की गई है।
नाहन में तीसरे दिन शिफ्टों में पानी
लगभग 60 हजार की आबादी वाले नाहन शहर में पानी का संकट कोई नई बात नहीं है। सर्दी हो या गर्मी यहां अक्सर पानी का संकट रहता है। हर सीजन में यहां लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है।
एमसी क्षेत्र धर्मशाला में भी जलसंकट
धर्मशाला। नगर निगम के वार्ड नंबर-11 में गर्मी शुरू होने से पहले ही पानी के लिए हाहाकार मचने लगा है। वार्ड में दो से तीन दिन छोड़ कर पानी आ रहा है। दो से तीन दिन बाद भी दो से तीन बाल्टी ही पानी की लोगों को मिल रही है।
चंबा के ग्रामीण इलाकों में घर से पानी ढो रहे बच्चे
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट अभी से गहराने लगा है। इस वजह से कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई किलोमीटर दूर पेयजल स्रोतों और नालों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित है। स्कूलों में भी पेयजल किल्लत चल रही है। इस वजह से बच्चों को बोतलों से भरकर पानी लाना पड़ रहा है वहीं स्कूलों में दोपहर का खाना बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
सरकाघाट, धर्मपुर और बालीचौकी में भी हाहाकार
मंडी शहर में रोजाना 60 लाख लीटर पानी की मांग है, जबकि सप्लाई 80 लाख लीटर की जा रही है। हालांकि सरकाघाट, धर्मपुर और बालीचौकी क्षेत्र में इन दिनों पानी के लिए हाहाकार मच गया है।
ये बोले आईपीएच महकमे के प्रमुख अभियंता
आईपीएच महकमे के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेयजल आपूर्ति को सुचारु रूप से सुनिश्चित करें। जहां रोजाना पानी देना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक दिवस पर भी इसकी आपूर्ति की जाए। फील्ड कर्मचारियों को लोगोें की शिकायतों का तुरंत समाधान निकालने को कहा गया है।